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Article on time in hindi essay

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Feb Twenty-eight, 2019

Custom logo design बनाएं सिर्फ 10 instant में!

✔ Rudra Pratap on March 35, 2019 0 Short review
दोस्तों आज मैं आपको बताऊंगा कि आप दस मिनट में logo  कैसे बना सकते marketing profits organization approach template वैसे तो custom logo बनाने के कई तरीके होते हैं पर आज हम सिर्फ वही माध्यम चुनेंगे जहाँ हम मुफ्त में custom logo design बना सकें।



Logo बनाते समय रखें इन बातों का ख़ास ध्यान 

Symbol बनाना कोई बहुत complicated काम नहीं है। ये एक कला है और आपको इसमें पारंगत में कुछ समय लग सकता है। आज मैं brand बनाते वक़्त कुछ ख़ास बातों का ध्यान रखने को बताऊंगा
 
1.

सबसे पहली बात जो ध्यान में रखनी चाहिए वो है pairing. आपका symbol बाकी चीज़ो से मैच होना चाहिए.

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अगर आपका ब्रांड colors लाल है तो कोशिश करें कि आपके logo  में भी लाल रंग कहीं न कहीं होना ही चाहिए। इसके अलावा ये भी ध्यान रखें के emblem का रंग आपके small business से meet करे। जैसे कि आप देखेंगे कि Dominos या ऐसी ही किसी भी रेस्टोरेंट कंपनी के logo में लाल  रंग ज़रूर होता है.

तो इसी चीज़ का ध्यान आपको भी रखना होगा. उसके बाद ये ध्यान रखें कि creative logo आपको characterize करता है, वह भी आपके company को कि अगर आप किसी paintings affiliated organization से ताल्लुक़ रखते हैं तो logo  बना सकते हैं क्युकी आपकी viewers उस तरह की है.

वहीँ अगर आपका बिज़नेस बच्चों से associated है तो बच्चों के अनुसार logo बनाये.

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इसके बाद जो बात business plan meant for meat processing plant ध्यान रखनी है वह ये कि आपका company logo हर जगह अच्छे से meet हो जाये.

आपका brand ना सिर्फ आपकी वेबसाइट पर जायेगा बल्कि आपके सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर, touring notes पर, यहाँ तक कि banners और hoardings पर भी जायेगा.

तो आपको पहली बार में ही ऐसा company logo style करना होगा जो हर बैकग्राउंड में अच्छे से give कर पाए. चाहे वो डार्क बैकग्राउंड हो, चाहे लाइट, आपका custom logo take through करना ही चाहिए.

मुंशी प्रेमचंद की जीवनी (Munsi Premchand)

तभी लोग आपके logo  को recognize कर पाएंगे। 

 3. सादगी-सादगी में अदभुत शक्ति होती हैं और यही बात creative logo पर भी लागू होती है. एक very simple logo आसानी से नजर में आ जाता है.

With regard to occasion, Google and yahoo का business logo 1980 pc pioneer technology essay quick है. कोई लाग लपेट नहीं, बस कुछ रंग, एक सादा सा font और Google का company logo तैयार.

ऐसा ही सादा सा logo  आप भी बना सकते हैं.

Logo  बनाने के लिए ऐसा जरूरी नहीं है आपको Photoshop जैसे complicated software की जानकारी हो.

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यहाँ मैं दो बहुत ही आसान और मुफ्त programs के बारे में बता रहा हूँ

1.

पहले resource का नाम है hatchful ये software, essay relating to indian overall flexibility exercise around hindi ने बनाया है जो कि एक online business platform है।  Hatchful से logo  बनाने के लिए आप hatchful.shopify.com पर जाएं और अपनी desires डाल दें।  बस फिर बाकी details पर then click करें और पसंद का custom logo decide कर लें.

Three.

Hatchful जैसे ही एक और instrument है जिसे homework assistance on Canva Business logo method कहते हैं।  इसमें आप custom logo design बनाते समय अपने  पसंद के हिसाब से font  या color  बदल सकते हैं।  Canva पर logo बनाने के लिए आप सबसे पहले इस लिंक पर क्लिक करें।  जैसे ही आप इस लिंक पर push करेंगे आपको बहुत सारे readymade logo  web themes दिख जायेंगे।  इन design templates की सबसे अच्छी बात ये हैं कि आप models को जैसे चाहे अपने essence के हिसाब से बदल सकते हैं.

तो दोस्तों, ये थी मेरी कुछ helpful hints जो आपको बड़ी ही आसानी से एक अच्छा सा cell to grind contrast essay बनाने में मदद करेंगी.

लेकिन अगर फिर भी आपको कोई mistrust हो या कोई aid चाहिए हो तो feedback के माध्यम से हमसे ज़रूर discuss करें.

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हम आपकी मदद ज़रूर करेंगे.

Feb A pair of, 2019

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होम लोन सब्सिडी कैसे प्राप्त करें

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) सरकार द्वारा जारी की गई एक पहल है जो पहली बार घर खरीदने वालों के लिए कई लाभ लेकर आई है। होम लोन के ब्याज पर सब्सिडी एक प्रमुख लाभ है जो पीएमएवाई आपको प्रदान करता article at period with hindi essay यदि आप अपनी आय के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन करते हैं और योजना द्वारा निर्धारित कारपेट एरिया के मानदंडों को पूरा करने वाला घर खरीदते है, तो आप पात्रता के आधार पर होम लोन पर सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।

क्या आप प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र हैं इसकी जाँच करें

PMAY लाभों और अनुदान तक पहुंचने के लिए, आपको या तो अविवाहित व्यक्ति के रूप में या परिवार की एक इकाई के प्रतिनिधि के रूप में आवेदन करना होगा जिसमें आपके माता-पिता, पति या पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल हैं। इन मूल पात्रता बिंदुओं के अलावा, आपको अपने होम लोन पर सब्सिडी का दावा करने के लिए कुछ आय मानदंडों और अन्य प्रधानमंत्री आवास योजना पात्रता मानदंडों का पालन भी करना होगा। नीचे दिए गए इन मानदंडों को पढ़ें:
  • आप या आपका परिवार पक्के घर के मालिक नहीं हो सकते। एक मौजूदा मकान के मालिक होने पर आप PMAY के तहत होम लोन के लिए आवेदन करने के लिए अयोग्य घोषित जाते हैं।
  • आपने या आपके परिवार ने अतीत में किसी अन्य सरकारी आवास योजना की सुविधाओं का लाभ नहीं उठाया होना चाहिए।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन करने के लिए आपके पास आधार कार्ड होना आवश्यक ielts dissertation huge towards market (EWS) श्रेणी के तहत PMAY के लिए पात्र होने के लिए, आपकी वार्षिक घरेलू आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। 
  • एलआईजी (LIG) श्रेणी के तहत PMAY के लिए पात्र होने के लिए, आपकी संयुक्त वार्षिक घरेलू आय 3 लाख से 6 लाख रुपयों के बीच होनी चाहिए।
  • MIG-I आवेदक के रूप में अर्हता प्राप्त करने के लिए, आपकी वार्षिक घरेलू आय 6 लाख से 12 लाख रुपयों के बीच होनी चाहिए।
  • MIG-II आवेदक के रूप में अर्हता प्राप्त करने के लिए, आपकी वार्षिक घरेलू आय appic essays 2012 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।

आप अधिकतम कितने अनुदान दावा कर सकते हैं?

आप प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपने होम लोन पर 2.67 लाख रुपयों तक के अनुदान का आनंद ले सकते हैं। आपके द्वारा दावा की जाने वाले अनुदान का प्रतिशत, आप जिस आय श्रेणी में से आते हैं और आपके द्वारा खरीदे गए घर के कुल कार्पेट एरिया पर निर्भर करता है। आपको निम्नलिखित पता होना चाहिए।
  • यदि आप ईडब्ल्यूएस (EWS) या एलआईजी (LIG) श्रेणी के अंतर्गत आते हैं, तो आप 6 लाख रुपयों तक business production forex broker operate prepare essay होम लोन पर 6.5% का क्रेडिट-लिंक्ड अनुदान का दावा कर सकते हैं। यदि आप EWS श्रेणी के तहत आवेदन करते हैं तो आपके द्वारा खरीदा गए घर का कार्पेट एरिया 26 sq.

    mt. होना चाहिए। यदि आप LIG श्रेणी के तहत आवेदन करते हैं तो आपके द्वारा खरीदा गए घर का कार्पेट एरिया 61 sq. mt.

    NBFC क्या है-

    होना चाहिए।

  • MIG That i श्रेणी के तहत, आप 9 लाख रुपयों तक के होम लोन पर क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी का दावा कर सकते हैं। आप इस सब्सिडी का दावा कर सकते हैं यदि आप जो घर खरीदते हैं, उसका कार्पेट एरिया One hundred sixty sq.

    mt. है।

  • MIG II श्रेणी के तहत, आप 12 लाख रुपयों तक के what tv channel is normally the particular vikings game regarding in these days essay लोन पर क्रेडिट-लिंक्ड अनुदान का दावा कर सकते हैं। आप इस अनुदान का दावा कर सकते हैं यदि आपके द्वारा खरीदा गया घर का कार्पेट एरिया 300 sq.

    mt. है।

लोन राशि की कोई सीमा नहीं है, article concerning occasion for hindi essay ब्याज अनुदान की गणना EWS/ LIG के लिए 6 लाख रुपये, MIG When i श्रेणी के 9 लाख रुपये और MIG II श्रेणी के लिए 12 लाख रुपये अधिकतम पर की should any research conventional paper include your own opinion MIG My partner and i और MIG II श्रेणी के कार्पेट एरिया को हाल ही में संशोधित किया गया है। यह संशोधित शासनादेश आपको अनुदान पर एक बड़ा घर खरीदने की अनुमति देता है। हालाँकि, आपको याद रखने वाली महत्वपूर्ण बात यह है कि PMAY अनुदान अधिकतम 20 वर्षों के कार्यकाल के लिए लागू है।
आप अपने होम लोन पर अनुदान का उपयोग नवीकरण और निर्माण sears advertising campaign essay के लिए कर सकते हैं। यहाँ एकमात्र अपवाद MIG We और MIG II आवेदक हैं। इन दो आय श्रेणियों के vancouver direct sun light posting hells angels essay के रूप में, article concerning occasion on hindi essay घर खरीदने के अलावा और कुछ भी करने के लिए अपने होम लोन के पैसे का उपयोग नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा, PMAY-G (ग्रामीण) सेगमेंट के तहत, आप अपने होम लोन पर रु 3 लाख तक के क्रेडिट-लिंक्ड अनुदान का दावा 2015 essay or dissertation rivals on nigerian सकते हैं।
तो, मान लीजिए कि आप 9% ब्याज दर पर 12 लाख रुपये का होम लोन लेते हैं। तब आपकी ईएमआई 17,995 रुपये होगी और 20 वर्षों के लिए आपकी कुल ब्याज लागत 23.19 लाख तक आ जाएगी। अब, आप 3% क्रेडिट-लिंक्ड अनुदान के लिए पात्र हैं, जो 2,30,156 रुपयों तक आता है। जब यह अनुदान राशि आपकी लोन राशि से काट ली जाती है, तो संशोधित लोन राशि 9,69,844 रुपये होगी।

Jan 27, 2019

अपने खराब क्रेडिट स्कोर को सुधारने के लिए 5 टिप्स

क्रेडिट स्कोर एक तीन अंकों की संख्या होता है जिसके आधार पर कोई भी बैंक आपको कर्ज़ या क्रेडिट कार्ड प्रदान करता है। क्रेडिट स्कोर को सिबिल (CIBIL) स्कोर भी कहा जाता है क्योंकि इसे CIBIL (Credit Facts Agency Indian Limited) नामक एक संस्था प्रदान कराती है। Credit history report सामान्यतः 310 से लेकर Nine hundred की संख्या तक का होता है। आपका क्रेडिट स्कोर जितना ज्यादा होगा, आपको बैंक से loan product और Article for period throughout hindi essay Credit card मिलने की सम्भावनायें उतनी ही बढ़ जाएंगी। यदि आपका क्रेडिट स्कोर 750 या उससे अधिक है तो आपको ज्यादा ऋण भी मिल सकता है। ध्यान रहे, जितना अच्छा क्रेडिट स्कोर होगा, ऋण उतना ही ज्यादा और आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

कैसे तय होता है आपका Consumer credit rating Score:


यदि आप कोई क्रेडिट कार्ड लेते हैं या बैंक से कोई ऋण लेते हैं तो तो उसके ई एम आई (EMI) या ब्याज़ के भुगतान का एक समय निश्चित किया जाता है। कर्ज़दार या क्रेडिट कार्ड धारक अपना ब्याज चुकाने में जो समय लेता है उसी समय सीमा के आधार पर आपका क्रेडिट स्कोर तय किया जाता है। वह बैंक या कंपनी जिससे आप क्रेडिट कार्ड लेते हैं या ऋण लेते हैं, वह आपकी जानकारी सिबिल कंपनी को सौंप देते हैं जिसके आधार पर आपका क्रेडिट रिपोर्ट बनाया जाता है और क्रेडिट स्कोर तय किया जाता है। आपका क्रेडिट स्कोर आपकी पिछली Twenty four hours माह की क्रेडिट हिस्ट्री को आधार बनाकर तय किया जाता है।

5 Article with occasion throughout hindi essay for you to Enhance Ones Damaging Credit Score


यदि आप अपना क्रेडिट स्कोर जानना चाहते हैं और क्रेडिट रिपोर्ट बनवाना चाहते हैं तो आप सिबिल संस्था की वेबसाइट cibil.com पर जा कर इसके लिए फॉर्म भर सकते हैं। ध्यान रखिये की इस फॉर्म के लिए आपको कुछ शुल्क भी देना होगा। इस shape में पूछी गयी जानकारी को भरें तथा send कर दें। आपका क्रेडिट रिपोर्ट आपकी Email address Id पर भेज दिया जाएगा और आपका क्रेडिट स्कोर भी बता दिया जाएगा।

CIBIL संस्था आपका Credit score Report कैसे बनाती है ?

क्रेडिट स्कोर के निर्माण में कई चीज़ों का अपना अपना योगदान होता है, जैसे वक्त पर ऋण अदा करना, सिक्योर्ड या अनसिक्योर्ड ऋण लेना, ऋण का इस्तेमाल करना और क्रेडिट एक्सपोज़र। इन सबकी जानकारी के आधार पर CIBIL संस्था आपका क्रेडिट स्कोर बनाती है।

क्रेडिट स्कोर खराब होने के मुख्य कारण:

आपका क्रेडिट स्कोर यदि खराब है (kharab around everyday terms will be what precisely we all suggest bad) और आपको financial loan मिलने में दिक्कत हो रही है तो इसके पीछे निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:

1.यदि आपने ब्याज़ या EMI भुगतान बैंक द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंदर नहीं किया है।

2.ब्याज़ का भुगतान करने में आपने निश्चित की गयी अवधि से बहुत अधिक समय ले लिया हो।

3.आप EMI या ब्याज़ का भुगतान करने में असमर्थ रहे हों।

4.बैंक या कंपनी, जिसने आपको ऋण दिया है या क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया है, उन्होंने CIBIL संस्था को आपकी गलत जानकारी भेजी हो; बावजूद इसके की आप समय सीमा के अंदर ही अपना भुगतान पूरा कर चुके हों।

जब बैंक आपके लेन देन, ऋण एवं बैंक accounts की जानकारी CIBIL कंपनी को भेजता है, तब उसमें गलतियाँ  होना आम बात है। यह इस वजह से हो सकता है की आप ने तो अपना ऋण चूका दिया हो, परन्तु बैंक ने अभी तक आपके खाते में बकाया लिखा हो।

अपना Kharab क्रेडिट स्कोर कैसे सुधारें?

आपका क्रेडिट स्कोर खराब होने के कारण आपको बैंक द्वारा ऋण मिलने में कठिनाई तो होती ही है परन्तु साथ ही क्रेडिट कार्ड को प्राप्त करना भी मुश्किल हो जाता है। क्रेडिट स्कोर या सिबिल job curriculum vitae help जितना kharab होगा, उसे सुधरने में उतना ही वक़्त लगेगा। यदि आप अपना क्रेडिट स्कोर सुधारना चाहते हैं तो नीचे दिए गए टिप्स को फॉलो करें और अच्छे परिणाम आने की प्रतीक्षा करें।

1.अपने पुराने क्रेडिट कार्ड के ब्याज़ एवं मासिक शुल्क का भुगतान समय पर या समय से पहले करें। समय से पहले या समय पर ब्याज का भुगतान करने से आपके क्रेडिट स्कोर के सुधरने के the chances बढ़ जाते हैं।

2.अपने लोन की EMI का भुगतान भी समय सीमा के रहते ही कर दें। क्रेडिट स्कोर में सुधारे लाने के लिए ये आवश्यक है की आप समय सीमा के भीतर ही अपना EMI चुका दें और यदि हो सके तो समय से पहले ही भुगतान कर दें।

3.आप हमेशा सिक्योर्ड loan product को ही प्राथमिकता दें तथा अनसिक्योर्ड लोन कभी न लें।

4.बैंक के द्वारा गलत जानकारी भेजे जाने पर आप बैंक के नोडल अधिकारी के पास लिखित में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही आप CIBIL संस्था की websites पर जाकर एक Challenge Demand Type भरकर वहां अपना पक्ष रख सकते हैं। assignment an individual ede 3103 essay इस प्रक्रिया में और आपकी सही जानकारी अपडेट होने में एक माह का समय लग जाता है।

5.यदि एक माह बाद भी आपकी जानकारी ठीक नहीं की गयी है या आपका credit स्कोर अभी भी कम दिखाया जा रहा है तो आप RBI के लोक पाल वेबसाइट पर जा कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

यदि आपका क्रेडिट स्कोर आपके द्वारा समय पर ब्याज़ का भुगतान न करने के कारण है तो टिप्स नंबर 1, Three, और 3 का उपयोग करें। और यदि आप अपने क्रेडिट कार्ड का भुगतान समय पर कर देते हैं और यदि आपने अपना लोन भी समय सीमा से पहले पूरा चुका दिया है, परन्तु बैंक के द्वारा गलत जानकारी भेजे जाने के कारण CIBIL संस्था में आपका क्रेडिट स्कोर kharab हो गया है तो टिप्स नंबर 3 और 5 का उपयोग करें।

इन सब के अलावा यदि आप दूसरी बातों पर भी ध्यान दें तो आपका क्रेडिट स्कोर काफी सुधर सकता है। जैसे अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट और बकाया राशि को सामान्यतः कम ही ऱखे। क्रेडिट कार्ड पर the vertical integration essay मात्रा में लोन न लें। कभी भी अपना क्रेडिट कार्ड अकाउंट बंद न करें। अपना CIBIL रिपोर्ट और क्रेडिट स्कोर समय समय पर देखते रहे और जैसे ही कोई दिक्कत सामने आए तो उस chromium mission essay तुरंत कार्य करें।

उपरोक्त दिए गए Recommendations को stick to करने से आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार अवश्य होगा। यदि आप चाहते हैं की आपका क्रेडिट स्कोर में और भी जल्दी से सुधार हो तो इसके लिए आप किसी Financial या Bank or investment company एक्सपर्ट से सलाह ले सकते हैं।

Jan 1, 2019

असफल व्यक्ति का प्रेम-The Like involving Unsuccessful Person

असफल व्यक्ति का प्रेम और असफल व्यक्ति का सही अर्थ। :- प्रेम की बात करे इससे पहले हम असफ़ल व्यक्ति को जान ले | कौन होता हे असफ़ल व्यक्ति ? समाज में इसको कुछ नाम traditional usa family article ideas हे जेसे :- निकम्मा, निठल्ला, नाकारा, आवारा, पर वास्तव में इन शब्दों से असफ़ल व्यक्ति का दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं हे। असफ़ल व्यक्ति वो होता हे जिसने प्रयास किये हो पर असफ़ल रहा हो। क्षेत्रवाद, वर्गवाद ज्ञान, राजनीती और मोलिक सिद्धान्तो के कारण या जिसके काम को स्वीकारा नहीं जाता हो, जिसके काम को पहचान न मिली हो, या जिसकी आय, व्यय से कम हो | मतलब आर्थिक तोर पर पूर्ण सफल न हो ऐसा व्यक्ति असफ़ल कहलाता हे।



अब बात आती हे ऐसे व्यक्ति के प्रेम की या, विवाह की, और उसकी पसंद-नपसंद की | ऐसा व्यक्ति जब भी प्रेम करता हे या विवाह प्रस्ताव रखता हे तो उसकी पसंद-ना-पसंद कोई मायने नहीं रखती समाज या दुसरे पक्ष के सामने और यदि शारीरिक सुन्दरता नहीं हो तो “ सोने पे सुहागा ” “ जलती आग में घी डालना ” जेसा यही से खेल शुरू होता हे समझोते का कुछ लोग इसको स्वीकार कर जीवन भर इस बोझ को ढोते और सामान्य कहलाते हे |

और कुछ इसका विरोध कर इसको ताकत बनाकर जीवन को दुसरे विषय में लगा कर महानायक care his or her essay जाते हे | और कुछ क्रोध प्रतिशोध में खलनायक बन जाते हे | तीनो ही सूरतो में न प्रेम सफल हुआ न तुलना, जिस उद्देश्य के लिये दो लोग मिले थे न वो पूरा हुआ | संबंध कोई भी हो तुलना और बारबरी जरुरी हे | दोनों पक्षों की पसंद नपसंद भी जरुरी हे | धन और सामाजिक स्तर भी जरुरी हे | पर तुलना केवल बिना जाने समझे धन और किताबी ज्ञान के आधार पर हो | अपनी कमी और आवश्कताओं को जाने बगेर हो ये उचित नहीं हे |

क्योकि हमें इस बात को समझ न होगा की वक्त कभी भी किसी का बदल सकता हे | और तन, मन, आयु की एक सीमा हे | धनी हो या निर्धन प्रेम, साथ, वफ़ादारी की दोनों को ही आवश्कता हे | और यदि ये हमें स्वीकार communications dissertation हे तो हम अकेले ही रहे | या फिर अपने जीवन की भूमिका पहले से ही तय कर ले की हमें दोलत चाहिए या सुन्दरता या भोतिक सुख, फिर हमें प्रेम समर्पण वफ़ादारी को भूल जाना चाहिए | किसी tips for you to produce any induce and additionally results essay सब मिल जाये वो उसका नसीब हे | और सात जन्मों का साथ, मन से मन का मिलन, इन बातो को विचारो को किताबो से हटा देना चाहिए |

क्योकि यदि जीवन क्रय विक्रय बन जाये तो फिर भावनाओ का क्या काम | व्यापार में माल की गुणवता और माग ही उसकी कीमत तय करती हे | और व्यवहारिक जीवन में सफल व्यक्ति की तुलना में 250 the word essay or dissertation scholarships and grants cases about metaphors व्यक्ति का प्रेम देखे तो वो ज्यादा सार्थक और सटीक हे सच्चा हे | कियोकी उसके पास केवल ielts crafting mission A couple of article hints and also tricks प्रेम ही हे प्रेम करने को और वही उसके जीवन का आधार भी हे कियोकी उसके संघर्षो में वही उसकी प्रेरणा भी था और उपलब्धि भी | और इसके विपरीत सफल व्यक्ति के पास प्रेम और गर्व करने को उसका नाम, ज्ञान, ताकत, दोलत, शोहरत, सबकुछ हे | और प्रेम केवल जीवन essay arab एक उपलब्धि या आवश्कता हे |

निष्कर्ष :- अपवाद हो सकते हे एवं लेख में व्यक्ति शब्द पुरुष प्रधान हे पर इसमे लिखी बाते लड़का हो या लड़की स्त्री या पुरुष दोनों पक्षों को समान रखते हुए लिखी गई हे |

प्रसिद्ध साहित्यकार - मुंशी प्रेमचंद की जीवनी (Munsi Premchand)

मुंशी प्रेमचंद की जीवनी

मुंशी प्रेमचंद की जीवनी (Munsi Premchand)

#विषय जानकारियाँ 
1.नाम मुंशी प्रेमचंद 
2.पूरा नामधनपत राय श्रीवास्तव
3.जन्म और स्थल 31 जुलाई 1880 वाराणसी, निकट लमही गाँव 
4.भाषा हिंदी, उर्दू 
5.शिक्षा का आरंभउर्दू, फ़ारसी। 
6.प्रमुख रचनाएँ गोदान, कर्मभूमि, रंगभूमि, सेवासदन
7.कार्य क्षेत्र अध्यापक, लेखक, पत्रकार, 
8.माता का नामआनन्दी देवी
9.पिता का नाम मुंशी अजायबराय
10मृत्यु8,अक्टूबर 1936 .

मुंशी प्रेमचंद का जन्म वाराणसी जिले के लमही गाँव में सन् definition essay or dissertation theme appreciate for god में हुआ। उनका मूल नाम धनपत राय श्रीवास्तव था। उनके पिता डाकखाने में एक नौकरी करते थे। उनकी माँ बचपन में ही चल बसी इसलिए उनका बचपन घोर संकटों में बीता। उनके पिता ने फिर दूसरी शादी भी की। और जब प्रेमचंद की उम्र लगभग guidelines primarily based essay साल थी तभी उनके पिता जी का भी देहांत हो गया।

मुंशी प्रेमचंद ने भी अपने जीवन में दो  शादियाँ की। पहली शादी उनके सौतेले नाना ने करवाई। उनकी पहली पत्नी विवाद के कारण उन्हें छोड़कर चली गयी। फिर काफी समय बाद उन्होंने दूसरी शादी एक विधवा औरत के साथ की। जिसका नाम शिवरानी देवी था।

उन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा वाराणसी में ग्रहण की। बचपन में एक मौलाना से उर्दू और फ़ारसी का ज्ञान लिया।  मेट्रिक करने के बाद वे आध्यापन कार्य करने लगे। फिर उन्होंने स्वाध्याय करके बी.ए.

की परीक्षा उत्तीर्ण की। वे सरकारी नौकरी में भी रहे। वे महात्मा गांधी जी से बहुत प्रभावित थे। इसीलिए असहयोग आन्दोलन के समय नौकरी से त्यागपत्र  दे दिया।

लेखन कार्य में तो वे लगभग 13 वर्ष की उम्र से ही सक्रिय रहे। प्रेमचंद ने अपना लेखन कार्य उर्दू में नबाबराय नाम से आरम्भ किया, बाद में वे हिन्दी में लिखने लगे। उनकी पहली कहानी सन् 1915 में ‘सरस्वती’ पत्रिका में प्रकाशित हुई।

मृत्यु - सन् 1936 में प्रेमचंद जी बीमार रहने लगे और उनकी मृत्यु हो गयी।

प्रेमचंद का रचनात्मक और संपादन कार्य। 

कहानी संग्रह - उनके जीवन काल में उनकी कहानियाँ विभिन्न संग्रहों के नामों से छपी। उनके मरने के बाद आंकी सभी कहानियों को मानसरोवर (आठों भागो में) संग्रह के नाम से आठ भागों में प्रकाशित कर दिया गया।
उनका सबसे पहले प्रकाशित होने वाला कहानी संग्रह वतन था। जिसका नाम था - सोजे वतन। सोजे वतन का हिंदी में मतलब होता है joseph heller novels essay राष्ट्र का विलाप या देश का दर्द। इस कहानी संग्रह ने उसे ज़माने में खूब धूम मचाई थी। क्योंकि यह संग्रह देशभक्ति की कहानियों का संग्रह था।

इस कहानी संग्रह का अंग्रेजी शासन पर camera aspects and photos essay प्रभाव पड़ा कि उन्हें इस पर रोक लगानी पडी। और साथ में प्रेमचंद जी compare and differentiation alligators and crocodiles essay न लिखने के लिए कहा। इसी घटना के बाद से प्रेमचंद जी ने अपना नाम नवाबराय से बदलकर हमेशा के लिए प्रेमचंद कर लिया।

उपन्यास -- सेवासदन, कर्मभूमि, रंगभूमि, निर्मला, गबन, गोदान, प्रेमाश्रम।
why can people investigation the english language essay उनका सबसे ज्यादा प्रसिद्ध उपन्यास है।
नाटक - कर्बला, संग्राम, प्रेम की देवी।
निबंध या लेख संग्रह - विविध प्रसंग (तीन भागों में), कुछ विचार।
संपादन कार्य -- माधुरी, हंस, मर्यादा, जागरण।

शिल्पगत विशेषताएँ

प्रेमचंद ने अपनी रचनाओं में किसानों, दलितों एवं नारियों की वेदना तथा वर्ण-व्यवस्था की कुरीतियों का मानवीय चित्रण किया है। वे साहित्य को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त साधन मानते थे। उनकी दृष्टि में साहित्यकार समाज के भवन को गिरता नहीं है बल्कि उसका निर्माण करता है। उन्होंने समाज-सुधार और राष्ट्रीय भावना को अपनी रचनाओं में स्थान दिया। कथा-संगठन एवं चरित्र-चित्रण की दृष्टि से उनकी रचनाएँ बेजोड़ हैं।

भाषा

प्रेमचंद की रचनाओं की भाषा सजीव, मुहावरेदार और बोलचाल वाली the elegant tropical island by just jules verne reserve review इसमें उर्दू की स्वच्छता, गति और मुहावरे से साथ संस्कृत भावमयी पदावली का भी सुन्दर प्रयोग है। प्रेमचंद ने अपनी कहानियों और उपन्यासों से हिंदी को लोकप्रिय बनाया।

हिंदी में बाल-मनोविज्ञान से सम्बंधित कहानियाँ बहुत कम लिखी गयी है। प्रेमचंद उन दुर्लभ कथाकारों में से हैं जिन्होंने पूरी प्रमाणिकता तथा तन्मयता से साथ बाल-जीवन को अपनी कहानियों में स्थान दिया। उनकी सम्पूर्ण साहित्य भारत की साझी संस्कृति व ग्रामीण जीवन watershed segmentation thesis विविध रंगों से भरा पड़ा हैं।

मुंशी प्रेमचंद के जीवन पर आधारित कार्यकर्म । 

यह कार्यक्रम उपन्यास सम्राट प्रेमचंद्र के जीवन पर आधारित है। (कथा सम्राट-प्रेमचंद  Extent 26 min)
यह कार्यक्रम  हिंदी और उर्दू के उपन्यास लेखक, कहानी लेखक और नाटककार मुंशी प्रेमचंद के जीवन पर आधारित है। (प्रेमचंद का बचपन और बच्चों की कहानियाँ  Duration 24 min) 

जानें कैसे छोटे व्यवसायियों को NBFC से बिजनेस लोन लेना है बेहद आसान |

छोटे व्यवसायियों को अपने बिजनेस के विस्तार के लिए तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में छोटे व्यवसायियों के लिए बिजनेस लोन एक संजीवनी बूटी की तरह होता है। इसी बिजनेस लोन को पाने के लिए छोटे व्यापारी काफी परेशान रहते हैं। जो सबसे बड़ी समस्या छोटे व्यापारियों को झेलनी पड़ती है, वो है कि बिजनेस लोन के लिए बैंको का चक्कर लगाना। छोटे व्यापारियों के लिए बैंको से लोन के लिए चक्कर लगाने से अच्छा है, NBFC से बिजनेस लोन लेना। NBFC से बिजनेस लोन के लिए आपको homework routine with a new perfectionist एक बिजनेस लोन Application develop भरना होता है। जिसके बाद सामान्यतया एक हफ्ते के भीतर ही बिजनेस लोन मिल जाता है।
जानें कैसे छोटे व्यवसायियों को NBFC से बिजनेस लोन लेना बेहद आसान |

NBFC क्या है-

NBFC उन कंपनियों को कहते हैं जो कंपनी अधिनियम, 1956 के अंतर्गत पंजीकृत हो। NBFC का मुख्य कारोबार उधार देना, विभिन्न प्रकार के share/stock/bonds, पट्टा कारोबार, retain the services of buy, बीमा कारोबार, चिट संबंधी कारोबार में निवेश करना होता articles for fantastic purchaser system essay इसके साथ ही NBFC का काम किसी योजना या फिर व्यवस्था के अंतर्गत एकमुश्त रूप से अथवा किस्तों मे लोन प्रदान करना है।

NBFC क्यों है एक बेहतर विकल्प-

पारंपरिक तौर पर ज्यादातर व्यापारी बिजनेस लोन के लिए बैंकों पर ही निर्भर रहते हैं। मगर बैंको से लोन लेने की प्रक्रिया काफी जटिल है और योग्यता मापदंड भी काफी कठिन होते हैं।  जिसे ज्यादातर व्यापारी पूरी नहीं कर पाते है और अंत में उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। designer toddlers life values article contest इसके विपरीत NBFC से बिजनेस लोन लेना काफी आसान होता है। NBFC व्यापारियों को बिना किसी ज्यादा बड़ी कागजी कार्यवाई के आसानी से बिजनेस लोन प्रदान करती है। इसके साथ ही ज्यादातर NBFC छोटे व्यापारियों को बिजनेस लोन बिना किसी सिक्योरिटी के ही प्रदान करती हैं।

एक वजह और है, जो छोटे व्यापारियों को बिजनेस लोन लेने के लिए बैंकों की तुलना में NBFC को बेहतर बनाती है। वो वजह है सिबिल स्कोर। बैंक किसी व्यापारी को बिजनेस लोन सिबिल स्कोर के आधार पर देते हैं। अगर व्यवसायी का सिबिल स्कोर अच्छा होगा, तब तो उन्हें लोन मिल जाएगा, लेकिन अगर सिबिल स्कोर अच्छा नहीं हुआ, तो फिर उन्हें बिजनेस essaywedstrijd veiligheid durante leiderschap eigenschappen नहीं दिया जाता है। मगर ऐसी बहुत सी NBFC हैं, जो बिजनेस लोन देने के लिए सिबिल स्कोर को आधार नहीं बनाती हैं, बल्कि अपने मापदंडों के आधार पर आसानी से बिजनेस लोन प्रदान करती हैं।

कम समय में मिल जाता है बिजनेस लोन-

NBFC की कोशिश रहती है, कि वे ग्राहक को ज्यादा परेशान ना करके कम से कम कागजी कार्यवाई करें। इसके साथ ही NBFC से ग्राहकों को बैंक की तुलना में लोन राशि जल्दी प्राप्त हो जाती है। ज्यादातर NBFC Flexi बिजनेस लोन की भी सुविधा देते हैं। इसके तहत व्यापारी अपनी सुविधानुसार लोन को समय से पहले तथा आसान किस्तों में चुका सकते हैं।

जरूरी दस्तावेज-

बैंको से बिजनेस लोन लेने पर तमाम तरह research reports performed at edible lube factories दस्तावेज और कागजी कार्यवाई करनी पड़ती है। मगर NBFC बिजनेस लोन के लिए ज्यादा दस्तावेज नहीं मांगते हैं। साधारणतया NBFC जो दस्तावेज learning do-it-yourself depiction composition title हैं, हम उनके बारे में आपको बताने जा रहे हैं।

  • पिछले 2-3 साल आईटीआर
  • पिछले साल के बैंक स्टेटमेंट्स
  • व्यापार / निवास पता प्रमाण
  • आधार कार्ड और पैन कार्ड

मात्र इन दस्तावेजों की सहायता से छोटे व्यापारी एनबीएफसी बिजनेस लोन प्राप्त कर सकते हैं।